हैलो दोस्तो कैसे हैं आप सब। आज मैं आप लोगों को इंसान को दिये ईश्वर के सबसे बड़े तोहफे के बारे में बात करेंगे। शुरु करने से पहले अगर आप हमारे ब्लाग पर नये हो तो प्लीज सस्क्राइब जरूर करियेगा । तो चलिये शुरू करते हैं। ईश्वर का सबसे बड़ा तोहफा दुनिया के या के सभी जीवों में इंसान शारीरिक रूप से सबसे कमजोर हैं। आदमी चिड़िया की तरह उड़ नही सकता तेंदुए से तेज दौंड नहीं सकता , एलीगेटर की तरह तैर नहीं सकता और बंदर की तरह पेड़ पर नही चड़ सकता। आदमी की आंख चील की तरह तेज नही होती ,नही उसके पंजे और दाँत जंगली बिल्ली की तरह मजबूत होते हैं। जिस्मानी तौर पर आदमी बेहद लाचार और असुरक्षित होता हैं। वह एक छोटे से कीड़े के काटने से मर सकता हैं। लेकिन कुदरत समझदार और दयालु हैं। उसने इंसान को जो सबसे बड़ा तोहफा दिया हैं। वह हैं सोचने की छमता। इंसान अपना माहौल खुद बना सकता है। जबकि जानवरो को माहौल के मुताबिक ढ़लना पड़ता हैं। दुख की बात हैं। कि कुदरत के इस सबसे बड़े तोहफे का पूरा इस्तेमाल बहुत कम लोग ही कर पाते हैं। असफल लोग दो तरह के होते हैं। एक वे जो करते तो हैं लेकिन सोचते नहीं, दूसरे वे जो सोचते तो हैं लेकिन कुछ करते नही। तो दोस्तों अगर हम लोगों को सफल होना है तो हमें दोनों काम एक साथ करने होंगे। सोचना भी और करना भीं। सोचने की छमता का इस्तेमाल किए बिना जिंदगी गुजारना वैसा हीं हैं। जैसे कि बिना निशाना लगाए गोली दागना। अगर आप सोचते हैं अगर आप सोचते हैं,कि आप हार गयें हैं। तो आप हारे हैं॥ अगर आप सोचते हैं,कि आप में हौसला नही हैं। तो सचमुच नही हैं॥ अगर आप जीतना चाहते हैं, मगर सोचते हैं कि जीत नही सकते। तो निश्चित हैं कि आप नही जीतेगे, अगर आप सोचते हैं कि हार जायेंगे। तो आप हार चुके हैं॥ क्योंकि हम दुनिया में देखते हैं कि, सफलता की शुरुआत इंसान की इच्छा से होती हैं। ये सबकुछ हमारी सोच पर निर्भर करता है। अगर आप सोचते हैं कि पिछड़ गये हैं। तो आप पिछड़ गये हैं॥ तरक्की करने के लिए आपको अपनी सोच ऊँची करनी होगी। कोई भी सफलता प्राप्त करने से पहले। आपको अपने प्रति विश्वास लाना होगा। जीवन की लड़ाईयाँ हमेशा॥ सिर्फ तेज और मजबूत लोग ही नही जीतते बल्कि। आज नही तो कल जीतता वही आदमी हैं। जिसे यकीन हैं कि वह जीतेगा॥Regards...
Rohit Sharma
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