Thursday

नजरिया का महत्व

हैलो दोस्तों कैसे हैं आप। हिंदी पोस्ट में आपका फिर से स्वागत हे। आज मै आप लोंगो को नजरिया का महत्व   के बारे में बात करुँगा। आशा करता हूँ। आपको यह पोस्ट जरूर पसंद आएगी। तो चलिए करते हे एक कहानी से ---
एक आदमी मेले में गुब्बारे बेंचकर गुजर -बसर करता था। उसके पास लाल,नीले,पीले ,हरे और इसके आलावा कई रंगो के गुब्बारे थे। जब उसकी बिक्री कम होने लगती तो वह हीलियम गैस से भरा एक गुब्बारा हवा में उड़ा देता। बच्चे जब उड़ते गुब्बारे को देखते ,तो वैसा ही गुब्बरा पाने के लिए आतुर हो उठते। वे उसके पास गुब्बारे खरीदने के लिए पहुंच जाते ,और उस आदमी की बिक्री फिर बढ़ने लगती। उस आदमी की बिक्री जब भी घटती वह उसे  बढ़ाने के लिए गुब्बारे उड़ानें का  यही तरीका अपनाता। एक दिन गुब्बारे वाले को महसूस हुआ कि कोई उसके जैकेट को खीच रहा हे। उसने पलटकर देखा तो वहां एक बच्चा खड़ा था। बच्चे ने उससे पूछा ,"अगर आप हवा में किसी काले गुब्बारे को छोड़े, तो क्या वह भी उड़ेगा ?"बच्चे के इस सवाल ने गुब्बारे वाले के मन को छू लिया। बच्चे की ओर मुड़कर उसने जबाब दिया,"बेटे ,गुब्बारा अपने रंग की वजह से नहीं बल्कि उसके अंदर भरी चीज की वजह से उड़ता हैं। 
हमारी जिंदगी में भी यही उसूल लागू होता हे। अहम चीज हमारी अंदरूनी शख्सियत है। हमारी अंदरूनी शख्सियत की वजह से हमारा जो नजरिया बनता हे, वही हमें ऊपर उठाता है। हॉवर्ड विश्वविधालय के विलियम जेम्स का कहना है ,हमारी पीढ़ी की सबसे बड़ी खोज यह है कि इंसान अपना नजरिया बदलकर जिंदगी को बेहतर बना सकता है। 
हमारा नजरिया हमें 85% कामयाबी दिलाता हे।  हॉवर्ड विश्वविधालय द्वारा कराये गए एक अध्ययन के मुताबिक 85 प्रतिशत मौकों पर किसी इंसान को नौकरी या तरक्की उसके नजरिये की वजह से  मिलती है। जबकि अक्लमंदी या खास तथ्यों और आंकड़ों की जानकारी की वजह से केवल 15 प्रतिशत मौकों पर ही मिलती है। ताज्जुब की बात है। कि जिंदगी में कामयाबी दिलाने में तथ्यों और आंकड़ों की केवल 15 प्रतिशत हिस्सेदारी होती  है। पर शिक्षा की सारी रकम इन्ही चीजों को पढ़ाने में खर्च की जाती है। हमारा छेत्र चाहे जो हो कामयाबी की बुनियाद तो नजरिया ही है। 
                                                                                                         धन्यवाद। ..... 
                                                                                                                              रोहित शर्मा 

Monday

नजरिया

हैलो दोस्तो कैसे हैं आप सब।Hindi Post में आपका स्वागत हैं।आज हम आप लोगों से नजरिया के ऊपर बात करूंगा।आशा करता हूं।आपको यह पोस्ट जरूर पसंद आयेगी।तो चलिये शुरू  करते हैं।तो दोस्तो नजरिया होता क्या हैं।नजरिया इंसान के देखने और समझने का एक गुण है।इंसान जिस चीज को देख रहा है।और उसके बारे में क्या सोच रहा हैं।इसे इंसान का नजरिया कहते है।नजरिया दो प्रकार का होता हैं।
(i) सकारात्मक नजरिया
(ii) नकारात्मक नजरिया ,
आइये इन दोनो को हम एक कहानी के जरिये समझते है।एक दिन एक आदमी अपने 10 साल के बेटे को बाजार में घुमाने ले गया।दोनों बाजार में घूम ही रहें थे।कि बेटे ने एक दुकान पर सेब रखेदेखे तो उसने वो सेब लेने के लिए अपने पिता से जिंद की।तो उस आदमी ने अपने बेटे को तीन.सेब दिला दिये।और घर की ओर चलने लगें।रास्ते में उस आदमी ने अपने बेटे से एक सेब मांगा एक सेब वो लड़का पहलेसे खा रहा थापिता के मांगने पर उसने उन दोनों सेबों मे भी मूँह मार दिया।अब मैं आपसे यह पूछना चाहूँगा।कि इस समय उस आदमी का नजरिया कैसा होगा।या बो अपने बेटे के बारे में क्या सोच रहा होगा।यही कि यह अभी इतनी छोटी उम्रमें ऐसा कर रहा हैं।तो बड़ा होकर पता नही हमारे साथ क्या करेगा।यानि उस आदमी का अपने बेटे के प्रति नजरिया नकारात्मक होगा न।लेकिन अगले ही पल बेटा अपने पापा से बोलता है।कि पापा ये वाला सेब आखाओ यें मीठा हैं।अब उस इंसान का नजरिया कैसा होगा।बेटा अपने पिता को मीठा सेब खिलाना चाहता था।तो दोस्तों शायद आपको समझ आ गया होगा।और हम आगे और भी पोस्ट नजरिया के ऊपर डालने वाले हैं।जैसे-  नजरिये का महत्व, सकारात्मक नजरिया कैसे बनायें, आदि।तो दोस्तो बने रहिये हमारे साथ और नालेज बेस्ड ब्लॉग पढ़ने के लिये धन्यवाद...  रोहित शर्मा

Wednesday

ईश्वर का सबसे बड़ा तोहफा

हैलो दोस्तो कैसे हैं आप सब। आज मैं आप लोगों को इंसान को दिये ईश्वर के सबसे बड़े तोहफे के बारे में बात करेंगे। शुरु करने से पहले अगर आप हमारे ब्लाग पर नये हो तो प्लीज सस्क्राइब जरूर करियेगा । तो चलिये शुरू करते हैं। ईश्वर का सबसे बड़ा तोहफा दुनिया के या के सभी जीवों में इंसान शारीरिक रूप से सबसे कमजोर हैं। आदमी चिड़िया की तरह उड़ नही सकता तेंदुए से तेज दौंड नहीं सकता , एलीगेटर की तरह तैर नहीं सकता और बंदर की तरह पेड़ पर नही चड़ सकता। आदमी की आंख चील की तरह तेज नही होती ,नही उसके पंजे और दाँत जंगली बिल्ली की तरह मजबूत होते हैं। जिस्मानी तौर पर आदमी बेहद लाचार और असुरक्षित होता हैं। वह एक छोटे से कीड़े के काटने से मर सकता हैं। लेकिन कुदरत समझदार और दयालु हैं। उसने इंसान को जो सबसे बड़ा तोहफा दिया हैं। वह हैं सोचने की छमता। इंसान अपना माहौल खुद बना सकता है। जबकि जानवरो को माहौल के मुताबिक ढ़लना पड़ता हैं। दुख की बात हैं। कि कुदरत के इस सबसे बड़े तोहफे का पूरा इस्तेमाल बहुत कम लोग ही कर पाते हैं। असफल लोग दो तरह के होते हैं। एक वे जो करते तो हैं लेकिन सोचते नहीं, दूसरे वे जो सोचते तो हैं लेकिन कुछ करते नही। तो दोस्तों अगर हम लोगों को सफल होना है तो हमें दोनों काम एक साथ करने होंगे। सोचना भी और करना भीं। सोचने की छमता का इस्तेमाल किए बिना जिंदगी गुजारना वैसा हीं हैं। जैसे कि बिना निशाना लगाए गोली दागना।                            अगर आप सोचते हैं                                 अगर आप सोचते हैं,कि आप हार गयें हैं।                                    तो आप हारे हैं॥                                अगर आप सोचते हैं,कि आप में हौसला नही हैं।                           तो सचमुच नही हैं॥                                         अगर आप जीतना चाहते हैं,                              मगर सोचते हैं कि जीत नही सकते।                          तो निश्चित हैं कि आप नही जीतेगे,                           अगर आप सोचते हैं कि हार जायेंगे।                                   तो आप हार चुके हैं॥                                    क्योंकि हम दुनिया में देखते हैं कि,                    सफलता की शुरुआत इंसान की इच्छा से होती हैं।            ये सबकुछ हमारी सोच पर निर्भर करता है।                  अगर आप सोचते हैं कि पिछड़ गये हैं।                                  तो आप पिछड़ गये हैं॥           तरक्की करने के लिए आपको अपनी सोच ऊँची करनी होगी।                                                                कोई भी सफलता प्राप्त करने से पहले।                      आपको अपने प्रति विश्वास लाना होगा।                            जीवन की लड़ाईयाँ हमेशा॥                 सिर्फ तेज और मजबूत लोग ही नही जीतते बल्कि।             आज नही तो कल जीतता वही आदमी हैं।                     जिसे यकीन हैं कि वह जीतेगा॥
Regards...
            Rohit Sharma

Thursday

Direct Sale Business धैर्य का Business है।

Network Marketing धैर्य का Business है।


         नेटवर्क इंडस्ट्री (Direct Selling) के बारे में जितना जान लें उतना कम हैं
क्योंकि  यह इंडस्ट्री ढेरों और बड़ी  सफलताओं का एक सच्चा रास्ता है...
इसकी ताकत एक आम  इंसान की सोच से परे है...
इसका रिज़ल्ट उम्मीदों से कंही ज्यादा आता
है...
लेकिन कुछ दोस्त अक्सर जल्दी के चक्कर में हताश Depression का शिकार हो जाते है  जबकि ये केवल व्यापार ही नहीं बल्कि अनगिनत आदर्शों का मिलन है। 
जैसे :-
1. खुद का बिज़नेस
2. शोहरत का माध्यम 
3. मान सम्मान
4. जरूरतमंदों का सहारा
5. नौकरशाही से छुटकारा
6. दूसरों की सहायता
7. बड़ी इनकम का ज़रिया
8. दूसरों को अवसर देने की लगातार प्रक्रिया
9. भविष्य की योजना
10. सही सपनों का चुनाव। 

सबसे पहली बात यह है कि यह बिज़नेस एक लंबे समय की प्लानिंग है...
मैं आप सभी दोस्तों को यह सलाह देना चाहता हूँ कि
आप इसे भूलकर भी शॉर्ट टाइम  के लिये न चुनें...??
क्योंकि
अक्सर लोग जल्दी रिज़ल्ट के चक्कर में इस इंडस्ट्री में कदम रखते है और उन्हे कोई फायदा नहीं होता...
क्योंकि  अगर बुनियादी सोच ही गलत होगी ....तो
उस पर खड़ी होने वाली इमारत भी कमज़ोर ही होगी...
जब एक नेटवर्कर यही सोचकर इस Network Marketing मे उतरता है की बस जल्दी से लखपति और करोड़पति बनना है ....तो
यही सोच एक खतरनाक
सोच बन जाती है और उस पर कुछ नहीं टिक सकता..
उदाहरण के लिए  - अगर एक नेटवर्कर किसी कंपनी में ज्वाईन (Join) होने के बाद केवल चार - छ: महीनों में रिज़ल्ट
न मिलने पर दूसरी कंपनी ज्वाईन कर लेता है ….
तो क्या गारंटी है की वो दूसरी कंपनी में टिक
पायेगा....?
और वो तीसरी कंपनी के बारे में सोचेगा...
फिर वह चौथी कंपनी के बारे में जानकारी
लेगा... और उसे भी ज्वाईन कर लेगा...
इस तरह से वह केवल एक से दो साल के अंदर-अंदर कई सारी कम्पनियों में जुड़कर आखिर हताश हो
जायेगा....
और अपनी फेस वॅल्यू (Face Value) खो देगा...
दुनिया में हर चीज़ के साथ एक नियम है ओर इस बिजनेस मे सफलता का भी एक नियम है कि
जब तक नेटवर्कर  Education System नेटवर्किंग के नियमों को जान नहीं पाता..
तब तक उसके साथ कई दुविधाएँ हो सकती हैं...
यह तो हम सभी जानते है कि सिर्फ एक बार बारिश
होने से नदी में पानी नहीं भरता न ही बाढ़ आती है ?
धावक एक छलांग लगा देने से कई किलोमीटर की दूरी नहीं पार कर सकता है....
तो फिर नेटवर्किंग में यह कैसे संभव हो सकता है ....?
Network Marketing कोई जादू नहीं है ...जंहा आपने कहा ...
आबरा का डाबरा ..गिली गिली ..छू.....और
आप लखपति और करोड़पति बन जायेंगे...
अक्सर लोग यही कहते है की ज्वाइन करो ये company आपको करोड़पति बना देगी । नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नस में करोड़पति तो क्या अरबपति बी बना जा सकता है और लोग बने भी है पर एक अच्छी कंपनी में बेहतरीन काम कर के नाकि घर बैठे बैठे रातो रात इन लुभावनी बातो में न आवे।   धनयवाद । Rohit Sharma

Future of Direct Sale Business.

Direct Sale Business आने वाले समय का Business है. आपको शायद सुनने में अजीब लगे but ये हक़ीक़त बहुत जल्दी आप लोगों के सामने आने वाली है। ये औ...