Sunday

Future of Direct Sale Business.

Direct Sale Business आने वाले समय का Business है. आपको शायद सुनने में अजीब लगे but ये हक़ीक़त बहुत जल्दी आप लोगों के सामने आने वाली है। ये और बात मैं हवा में नहीं कह रहा हूँ। इस बात में 100% सच्चाई है। Network Marketing पूरी दुनिया में बहुत तेज़ी से grow कर रही है। और जब तक दुनिया में लोग रहेंगे तब तक ये business चलता रहेगा। क्यूँकि लोगों से ही यह business चलता हैं।

Network-marketingकोई इस business को फ़साने वाला बिज़नेस कहता है, कोई इसे बेवकूफ बनाने वाला काम कहता है, कुछ इसे फालतू लोगों का काम समझते हैं और कोई इसे time waste मानता है। इसमें मैं किसी को दोष भी नहीं देता। इसका simple सा reason है अभी Network Marketing की proper knowledge लोगों तक नहीं पहुँच पायी है।
दुनिया में कुछ काम ऐसे भी होते हैं जो लोगों को आसानी से समझ नहीं आते। for example “आज हम लोग पुरे दिन में ना जाने कितनी बार Facebook पे chatting करते हैं। और उसके हम से कोई पैसे भी नहीं लिए जाते, फिर भी कमाई के मामले में Facebook का नाम top 10 websites में आता है।” कई लोगों ये बात समझ भी नहीं आती होगी कि Facebook कमाई भी करता होगा या अगर किसी को पता भी होगा तो उसका reason ही नहीं पता होगा कि income कैसे और कहाँ से होता है।

चलिए दोस्तों सबसे पहले ये समझना बहुत ज़रूरी है कि कोई भी industry बनती कैसे है और चलती कैसे है। अगर ये चीज़ आपको समझ आ गयी तो आपको ज्यादा कुछ deep में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। पहले ये जानना बहुत ज़रूरी है कि कोई भी industry बनती कैसे ?????

PHASES OF INDUSTRIES

दुनिया में हरेक industry को 4 phase से गुजरना पड़ता है, और दुनिया हरेक उद्योग ऐसे ही बने थे और और आगे भी ऐसे ही बनेंगे।
  1. Negative Phase
  2. Positive Phase
  3. Growth Phase
  4. Normal Phase

ये 4 phase क्या हैं ?? 
अब इनके बारे में थोड़ा detail से समझ लेते हैं।

1- Negative Phase
हर industry की शुरुआत negative phase से ही होती है, ये वो दौर होता है जब कोई नया business model market में आता है but लोगों को समझ नहीं आता। और वे इसे नकार देते हैं।और trust करना इतना आसान भी तो नहीं होता। मन में एक question आता है नयी चीज़ है क्या पता चले ना चले। For example “शुरुआत में जब banking शुरू हुयी थी तो लोगों को bank पे बिल्कुल भी ट्रस्ट नहीं था। उनको लगता था bank हमारे पैसे लेके कभी भी भाग सकता है। अपने पैसे को घर में रखना ही safe मानते थे”
“Insurance Sector को लोगों ने आते ही ignore कर दिया था, वजह था trust की कमी। और reason भी जायज़ था। जब तक किसी ने insurance करवा के इसका लाभ ना लिया तब तक कोई यकीन कैसे कर सकता था।
और भी बहुत सारे example हैं like IT industry, Telecom sector, Online Shopping and many more. ऐसे बहुत से example हैं जिन्हे लोगों ने आते ही “ना” कह दिया था।

2- Positive Phase
ये वो time होता है जब लोगों को इस industry पे trust होना शुरू हो जाता है। अब लोग उस business model को accept करना शुरू कर देते हैं। उनका नज़रिया positive होने लगता हैं। इसका सबसे बड़ा reason होता है result दिखना। जब लोगों के सामने result आने शुरू हो जाता है तो लोगों का trust अपने आप बढ़ने लगता है। और वही लोग इसमें दिलचस्पी दिखाने लगते हैं जो पहले इसे ignore कर रहे थे।
Bank पे लोगों को तब trust हुआ होगा जब किसी रिश्तेदार, दोस्त या पड़ोसी ने bank में पैसे रखे होंगे और उनको safety के साथ साथ interest भी मिला होगा। Insurance की value तब पता लगी होगी जब किसी दोस्त की दुर्घटना के बाद उसके घरवालों को insurance का पैसा मिला हो।

3- Growth Phase
एक बार किसी industry पे trust होने के बाद तो उस industry की growth बहुत जल्दी और बहुत ज्यादा हो जाती है। अब किसी को industry के बारे में ज्यादा कुछ बताने या समझाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। ये वह time होता है जब लोग उस industry में invest या काम करना चाहते है। नतीजा यह होता है business अपनी पूरी speed से grow होना शुरू हो जाता है। Maximum लोग industry के growth phase में आने के बाद काम शुरू करते हैं।

4- Competition Phase
यह एक ऐसा वक़्त होता है जब उस industry में competition बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। अब maximum लोग industry की growth देखकर इसमें काम करना शुरू कर देते हैं। ज्यादा लोगों के काम करने से ज्यादा profit के लिए सब एक दूसरे से competition करने लगते हैं।
आज maximum sectors में competition हो रहा है। चाहे Bank हो, Insurance sector हो, Telecom हो या Online Shopping हर जगह competition शुरू हो चुका है।

Industry choose करने का सही time कौन सा है ?

अगर मेरी राय की बात करें तो मैं किसी भी industry में काम करने का सबसे सही टाइम Negative phase को मानता हूँ। क्यूँकि यही वो time होता है जब आपके साथ competition करने वाले ज्यादा लोग नहीं होते और grow करने का scope भी बहुत ज्यादा होता है। जब कोई industry negative zone में हो और सब इसे नकार रहे हो तो एक बार इस sector को deeply समझने की कोशिश ज़रूर कीजिये। इसके आगे growth के chances पे research करके ही कोई भी decision लेना सही होता है।

किसी ने negative phase में किसी industry में entry की और काम करना शुरू किया और एक टाइम बाद जब industry की अच्छी growth हो जाय तो उस person को कितनी बड़ी success मिलेगी। ये समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है।

Network Marketing बिज़नेस क्यों ??

Network marketing business अभी negative phase में है। इसके बाद भी इस काम को करने के कुछ reasons हैं –
Negative Phase में होने के बावज़ूद इस business ने कई सारे successful और करोड़पति पैदा कर दिए हैं।
कम या बिना investment के start हो जाता है।
Leadership quality को improve करता है।
Positive लोगों का साथ रहके motivational मिलता है।
आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
इन्सान के अंदर जीत का ज़ज्बा पैदा कर देता है।

Network Marketing का वर्तमान और भविष्य 
Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry (FICCI) network marketing को आने वाले दिनों में India में बहुत बड़ी Industry के रूप में स्वीकार कर चुका है। अगर अभी FICCI की report की बात करें तो  Network Marketing / Direct Selling industry का size 7000 करोड़ रूपये आँका गया है।
पिछले 5 सालों में 20% growth रेट से India में direct selling business ने growth की है और इस situation को देखते हुए FICCI के अनुसार 2025 तक direct selling 645 अरब रूपये का व्यापर बन जायेगा।
Develop countries like अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, कोरिया, थाईलैंड, वियतनाम और सिंगापुर आदि ने तो इस industry को काफी हद तक अपना लिया है और लोग भी बहुत जागरूक हैं इस industries से।

सेल्फ मेड मिलिनियर्स के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य पार्ट 2

11. हर समय सीखना किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए कम से कम जरूरत है।
12. आपके कमाये पैसों में से कुछ हिस्सा आपका है और अगर आप पैसे नही जमा करते तो महानता के बीज आपने नही हैं।
13. आप जो कर रहे हैं। अगर आप उसमें बहुत अच्छे बन जाते हैं। तो आपको ज्यादा पाने से और शीघ्रता से आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
14. आपको जीवन में वो सब मिल सकता हैं। जो आप चाहते है अगर आप अन्य लोगो की मदद करें उसमें जो वो चाहते हैं।
15. सोच ही सारी संपत्ति, सारी सफलता, सारे लाभ, सारे प्रमुख खोज, सारे अविष्कार, सारे हासिलो की वास्तविक स्रोत हैं।
16. दो दिमाग वाला आदमी अपने हर तरीके में स्थायी होता है। आपके हाथों में जो आया है। वो करे।
17. यहां एक सूत्र है। जब आप लक्ष्य बनाते हैं तो उसे हासिल करने के लिए आपको जो भी करना हैं। उसकी सूची बनाये। उसे प्राथमिकता के आधार पर बांटे और तब खुद से ये चार सवाल करें -
i. मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण काम क्या हैं। आपके काम और व्यवसाय के लिए अन्य सभी चीजों से अधिक महत्वपूर्ण क्या हैं।
ii. मुझे पैसे क्यों दिए जा रहे हैं। मुझे किस काम के लिए रखा गया है। रिजल्ट पर ध्यान दें न की क्रिया पर।
iii. वो कोन सा काम है जो केवल मै कर सकता हूं ? ये काम केवल आप कर सकते हैं। अगर आप ये नहीं करेंगे तो ये नहीं होगा। लेकिन अगर ये आप करें तो इसका आपके व्यवसाय और व्यक्तिगत जीवन पर बहुत असर पड़ेगा। वो काम क्या हैं।
iv. में अपने समय का सबसे अच्छा उपयोग कैसे कर सकता हूं ? इस सवाल का हर समय केवल एक जवाब होगा। अपने समय का सबसे अच्छा उपयोग और तब उस काम को शुरू करना  आपकी आर्थिक सफलता का सूत्र है।
18. जीत कभी भी कभी - कभी हासिल होने वाली चीज नही है, ये हमेशा की चीज है।
19. दृढ़ता चरित्र का अति बलशाली गुण हैं। जैसे स्टील के लिए कार्बन है ठीक वैसे ही चरित्र के लिए दृढ़ता। ये अति आवश्यक गुण है। जीवन में सफलता के लिए यह महत्त्वपूर्ण हैं।
20. आपकी आस्था का विषय चाहें सच्चा हो या झूठा परिणाम वही मिलेंगे।

Wednesday

सेल्फ मेड मिलिनियर्स के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य पार्ट 1

 1. बड़े सपने देखे केवल बड़े सपनो में ही वो शक्ति है। जो इंसान के मन को आगे बढ़ाती है।

2. एक इंसान एक स्पष्ट प्रयोजन के साथ ऊबड़ - खाबड़ रास्ते में भी उन्नति कर लेगा। लेकिन अगर प्रयोजन स्पष्ट न हो तो अच्छे रास्ते पर भी उन्नति नहीं होगी।

3. दो बाते किसी भी चीज से अधिक महत्वपूर्ण हैं पहला जीवन में आपके साथ वही होता है जो आप जो आप सोचते हैं और दूसरा आप इस बारे में कैसे सोचते हैं।

4. सफल व्यक्ति ज्यादातर समय अपने लक्ष्य के बारे मे सोचते हैं। परिणाम स्वरूप वो लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं और लक्ष्य उनकी ओर।

5. सेवन स्टेप ऑफ सेल्फ मेड मिलेनियर्स :-

i. आप अपने जीवन के हर क्षेत्र में वास्तव में क्या चाहते हैं उसे तय करे। खासकर अपने आर्थिक जीवन में। अधिकतर लोग ऐसा नहीं करते हैं।

ii. अपने लक्ष्य को स्पष्ट लिखे जब आप अपने लक्ष्य को लिखते हैं तो आपके हाथ और दिमाग के बीच कुछ अद्भुत होता हैं।

iii. हर लक्ष्य के लिए समय सीमा बनाए अगर लक्ष्य बड़ा हैं। तो उसे कई भागों में बांट सकते है। सबके लिए समय सीमा बनाए। खुद के लिए समय सीमा बनाए।

iv. लक्ष्य तक पहुंचने में आपको जो करना होगा इस बारे में आप जितना सोच सकते हैं। उन सबकी सूची बनाए अगर आपके दिमाग में नए सुझाव आते हैं। तो उसे भी सामिल करते रहें जब तक कि आप लक्ष्य हासिल नहीं कर लेते।

v. अपनी सूची के अनुसार कार्य करने की योजना बनाए। निर्णय ले कि पहले आप क्या करेंगे और बाद में क्या। तय करे कि क्या ज्यादा महत्वपूर्ण हैं और क्या कम।

vi. अपनी योजना पर तुरंत काम करना शुरू करें। बहुत से लक्ष्य और योजना कभी - कभी केवल टाल - मटोल के कारण पूरे नहीं हो पाते।

vii. सातवां और शायद सबसे महत्वपूर्ण हर दिन कुछ न कुछ ऐसा जरूर करे जो आपको आपके लक्ष्य की ओर एक कदम आगे बढ़ाए। हर दिन ऐसा करना आपको बड़ी सफलता देगा।

6. हमेशा लिखकर सोचे। जो लक्ष्य आप बनाते हैं। उसे लिखे और उसे हासिल करने की योजना बनाए। ये अभ्यास आपको स्वनिर्मित करोड़पति बना सकता हैं।

7. अपने आर्थिक लक्ष्य को पूरे मन से न करने का कारण चुनें। क्या कारण या कोई इंसान है जो आपको पीछे की ओर खींच रहा है आगे नहीं बढ़ने दे रहा ? ये जो भी है। अपने जीवन की जिम्मेदारी पूरी तरह से खुद ले। और आज से ही काम शुरू करें।

8. वो काम करें जो आपको पसंद है।

9. जब आप वो काम करना शुरू करेंगे जो आपको पसंद है तो फिर जीवन में आप कभी दूसरे दिन काम नहीं करेंगे।

10. आपके जीवन क्वॉलिटी इस बात पर निर्भर करती है कि आपका बहुत अच्छा वचन कितना गहरा है। आपने क्या क्षेत्र चुना उससे कोई फर्क नही पड़ता।



Saturday

सिर्फ आज के लिए

हैलो दोस्तों कैसे हैं आप। हिंदी पोस्ट में आपका फिर से स्वागत हे। आज मै आप लोंगो को सिर्फ आज में जीने के कुछ महत्वपूर्ण बातें बताऊंगा तो चलिए शुरू करते हैं - 1. सिर्फ आज के लिए मैं खुश रहूंगा। इसका आशय है। कि अब्राहम लिंकन की यह बात सच थी , अधिकांश लोग उतने ही सुखी होते हैं। जितने सुखी होने का वे संकल्प करते हैं। सुख अंदर से आता है। बाहरी घटनाओं से इसका कोई संबंध नहीं हैं।
2. सिर्फ आज के लिए मैं यह कोशिश करूंगा कि दुनिया जैसी है, मैं अपने आपको उसके हिसाब से ढाल लूं बजाय इसके कि मैं दुनिया को अपनी इच्छाओं के हिसाब से ढालने की कोशिश करूं। मेरा परिवार, मेरा बिजनेस और मेरी किस्मत जैसी भी है मैं अपने आपको उनके अनुरूप ढालने की कोशिश करूंगा।
3. सिर्फ आज के लिए मैं अपने शरीर का ध्यान रखूंगा। मैं व्यायाम करूंगा, शरीर की देखभाल करूंगा इसे पोषण दूंगा और इसे नजरंदाज नहीं करूंगा, ताकि यह मेरी आज्ञा का पालन करने की आदर्श मशीन की तरह काम कर सकें।
4. सिर्फ आज के लिए मैं अपने मस्तिष्क को सशक्त बनाने की कोशिश करूंगा। मैं कुछ उपयोगी चीजे सीखूंगा। मैं मानसिक रूप से आलसी नही बनूंगा। मैं कुछ ऐसा पढूंगा जिसमें विचार, प्रयास और एकाग्रता की आवश्यकता हों।
5. सिर्फ आज के लिए मैं अपनी आत्मा को तीन तरह से व्यायाम कराऊंगा, मैं किसी की भलाई करूंगा और इस तरह करूंगा कि उसे मेरा नाम मालूम न पड़े। मैं विलियम जेम्स की सलाह पर चलते हुए सिर्फ अभ्यास के लिए कम से कम दो ऐसे कार्य करूंगा जिन्हें मैं नहीं करना चाहता।
6. सिर्फ आज के लिए मैं खुश रहूंगा। मैं जितना अच्छा दिख सकता हूं दिखूंगा जितने अच्छे कपड़े पहन सकता हूं पहनूंगा नीची आवाज में बोलूंगा शालीन व्यवहार करूंगा। में किसी की आलोचना नहीं करूंगा, किसी की गलतियां नही निकलूंगा, न ही किसी पर हावी होने या उसे सुधारने की कोशिश करूंगा।
7. सिर्फ आज के लिए मैं केवल इस दिन में जीने की कोशिश करूंगा और अपने पूरे जीवन की समस्याओं से मुकाबला करने की कोशिश नही करूंगा। मैं बारह घंटों के लिए ऐसे कार्य कर सकता हुं जिनसे मैं चमत्कृत हो जाऊंगा, अगर वे मुझे जीवन भर करना पड़े।
8. सिर्फ आज के लिए मैं एक योजना बनाऊंगा। मैं यह लिख लूंगा कि मैं हर घंटे में क्या करने वाला हूं। हो सकता हैं कि मैं इसका पूरी तरह से पालन न कर पाऊं परंतु मेरे पास एक योजना होगी। इससे मेरे दो राक्षस दूर भाग जाएंगे जल्दबाजी और अनिर्णय।
9. सिर्फ आज के लिए मैं अपने लिए आधा घंटा निकलूंगा और शांति से बैठ कर आराम करूंगा। इस आधे घंटे में मैं कई बार भगवान के बारे में सोचूंगा, ताकि मेरे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन हो सके। 
10. सिर्फ आज के लिए मैं बिलकुल नहीं डरूंगा। मैं खुश रहूंगा, हर सुंदर चीज का आनंद लूंगा और यह विश्वास करूंगा कि मैं जिनसे प्रेम करता हूं, वे भी मुझसे प्रेम करते हैं।
अगर आप सुख - शांति का मानसिक नजरिया विकसित करना चाहते है, तो पहला नियम है। 
खुशी के विचार सोचे खुशी का अभिनय करे - और आप खुशी का अनुभव करने लगेंगे।

Thursday

नजरिया का महत्व

हैलो दोस्तों कैसे हैं आप। हिंदी पोस्ट में आपका फिर से स्वागत हे। आज मै आप लोंगो को नजरिया का महत्व   के बारे में बात करुँगा। आशा करता हूँ। आपको यह पोस्ट जरूर पसंद आएगी। तो चलिए करते हे एक कहानी से ---
एक आदमी मेले में गुब्बारे बेंचकर गुजर -बसर करता था। उसके पास लाल,नीले,पीले ,हरे और इसके आलावा कई रंगो के गुब्बारे थे। जब उसकी बिक्री कम होने लगती तो वह हीलियम गैस से भरा एक गुब्बारा हवा में उड़ा देता। बच्चे जब उड़ते गुब्बारे को देखते ,तो वैसा ही गुब्बरा पाने के लिए आतुर हो उठते। वे उसके पास गुब्बारे खरीदने के लिए पहुंच जाते ,और उस आदमी की बिक्री फिर बढ़ने लगती। उस आदमी की बिक्री जब भी घटती वह उसे  बढ़ाने के लिए गुब्बारे उड़ानें का  यही तरीका अपनाता। एक दिन गुब्बारे वाले को महसूस हुआ कि कोई उसके जैकेट को खीच रहा हे। उसने पलटकर देखा तो वहां एक बच्चा खड़ा था। बच्चे ने उससे पूछा ,"अगर आप हवा में किसी काले गुब्बारे को छोड़े, तो क्या वह भी उड़ेगा ?"बच्चे के इस सवाल ने गुब्बारे वाले के मन को छू लिया। बच्चे की ओर मुड़कर उसने जबाब दिया,"बेटे ,गुब्बारा अपने रंग की वजह से नहीं बल्कि उसके अंदर भरी चीज की वजह से उड़ता हैं। 
हमारी जिंदगी में भी यही उसूल लागू होता हे। अहम चीज हमारी अंदरूनी शख्सियत है। हमारी अंदरूनी शख्सियत की वजह से हमारा जो नजरिया बनता हे, वही हमें ऊपर उठाता है। हॉवर्ड विश्वविधालय के विलियम जेम्स का कहना है ,हमारी पीढ़ी की सबसे बड़ी खोज यह है कि इंसान अपना नजरिया बदलकर जिंदगी को बेहतर बना सकता है। 
हमारा नजरिया हमें 85% कामयाबी दिलाता हे।  हॉवर्ड विश्वविधालय द्वारा कराये गए एक अध्ययन के मुताबिक 85 प्रतिशत मौकों पर किसी इंसान को नौकरी या तरक्की उसके नजरिये की वजह से  मिलती है। जबकि अक्लमंदी या खास तथ्यों और आंकड़ों की जानकारी की वजह से केवल 15 प्रतिशत मौकों पर ही मिलती है। ताज्जुब की बात है। कि जिंदगी में कामयाबी दिलाने में तथ्यों और आंकड़ों की केवल 15 प्रतिशत हिस्सेदारी होती  है। पर शिक्षा की सारी रकम इन्ही चीजों को पढ़ाने में खर्च की जाती है। हमारा छेत्र चाहे जो हो कामयाबी की बुनियाद तो नजरिया ही है। 
                                                                                                         धन्यवाद। ..... 
                                                                                                                              रोहित शर्मा 

Monday

नजरिया

हैलो दोस्तो कैसे हैं आप सब।Hindi Post में आपका स्वागत हैं।आज हम आप लोगों से नजरिया के ऊपर बात करूंगा।आशा करता हूं।आपको यह पोस्ट जरूर पसंद आयेगी।तो चलिये शुरू  करते हैं।तो दोस्तो नजरिया होता क्या हैं।नजरिया इंसान के देखने और समझने का एक गुण है।इंसान जिस चीज को देख रहा है।और उसके बारे में क्या सोच रहा हैं।इसे इंसान का नजरिया कहते है।नजरिया दो प्रकार का होता हैं।
(i) सकारात्मक नजरिया
(ii) नकारात्मक नजरिया ,
आइये इन दोनो को हम एक कहानी के जरिये समझते है।एक दिन एक आदमी अपने 10 साल के बेटे को बाजार में घुमाने ले गया।दोनों बाजार में घूम ही रहें थे।कि बेटे ने एक दुकान पर सेब रखेदेखे तो उसने वो सेब लेने के लिए अपने पिता से जिंद की।तो उस आदमी ने अपने बेटे को तीन.सेब दिला दिये।और घर की ओर चलने लगें।रास्ते में उस आदमी ने अपने बेटे से एक सेब मांगा एक सेब वो लड़का पहलेसे खा रहा थापिता के मांगने पर उसने उन दोनों सेबों मे भी मूँह मार दिया।अब मैं आपसे यह पूछना चाहूँगा।कि इस समय उस आदमी का नजरिया कैसा होगा।या बो अपने बेटे के बारे में क्या सोच रहा होगा।यही कि यह अभी इतनी छोटी उम्रमें ऐसा कर रहा हैं।तो बड़ा होकर पता नही हमारे साथ क्या करेगा।यानि उस आदमी का अपने बेटे के प्रति नजरिया नकारात्मक होगा न।लेकिन अगले ही पल बेटा अपने पापा से बोलता है।कि पापा ये वाला सेब आखाओ यें मीठा हैं।अब उस इंसान का नजरिया कैसा होगा।बेटा अपने पिता को मीठा सेब खिलाना चाहता था।तो दोस्तों शायद आपको समझ आ गया होगा।और हम आगे और भी पोस्ट नजरिया के ऊपर डालने वाले हैं।जैसे-  नजरिये का महत्व, सकारात्मक नजरिया कैसे बनायें, आदि।तो दोस्तो बने रहिये हमारे साथ और नालेज बेस्ड ब्लॉग पढ़ने के लिये धन्यवाद...  रोहित शर्मा

Wednesday

ईश्वर का सबसे बड़ा तोहफा

हैलो दोस्तो कैसे हैं आप सब। आज मैं आप लोगों को इंसान को दिये ईश्वर के सबसे बड़े तोहफे के बारे में बात करेंगे। शुरु करने से पहले अगर आप हमारे ब्लाग पर नये हो तो प्लीज सस्क्राइब जरूर करियेगा । तो चलिये शुरू करते हैं। ईश्वर का सबसे बड़ा तोहफा दुनिया के या के सभी जीवों में इंसान शारीरिक रूप से सबसे कमजोर हैं। आदमी चिड़िया की तरह उड़ नही सकता तेंदुए से तेज दौंड नहीं सकता , एलीगेटर की तरह तैर नहीं सकता और बंदर की तरह पेड़ पर नही चड़ सकता। आदमी की आंख चील की तरह तेज नही होती ,नही उसके पंजे और दाँत जंगली बिल्ली की तरह मजबूत होते हैं। जिस्मानी तौर पर आदमी बेहद लाचार और असुरक्षित होता हैं। वह एक छोटे से कीड़े के काटने से मर सकता हैं। लेकिन कुदरत समझदार और दयालु हैं। उसने इंसान को जो सबसे बड़ा तोहफा दिया हैं। वह हैं सोचने की छमता। इंसान अपना माहौल खुद बना सकता है। जबकि जानवरो को माहौल के मुताबिक ढ़लना पड़ता हैं। दुख की बात हैं। कि कुदरत के इस सबसे बड़े तोहफे का पूरा इस्तेमाल बहुत कम लोग ही कर पाते हैं। असफल लोग दो तरह के होते हैं। एक वे जो करते तो हैं लेकिन सोचते नहीं, दूसरे वे जो सोचते तो हैं लेकिन कुछ करते नही। तो दोस्तों अगर हम लोगों को सफल होना है तो हमें दोनों काम एक साथ करने होंगे। सोचना भी और करना भीं। सोचने की छमता का इस्तेमाल किए बिना जिंदगी गुजारना वैसा हीं हैं। जैसे कि बिना निशाना लगाए गोली दागना।                            अगर आप सोचते हैं                                 अगर आप सोचते हैं,कि आप हार गयें हैं।                                    तो आप हारे हैं॥                                अगर आप सोचते हैं,कि आप में हौसला नही हैं।                           तो सचमुच नही हैं॥                                         अगर आप जीतना चाहते हैं,                              मगर सोचते हैं कि जीत नही सकते।                          तो निश्चित हैं कि आप नही जीतेगे,                           अगर आप सोचते हैं कि हार जायेंगे।                                   तो आप हार चुके हैं॥                                    क्योंकि हम दुनिया में देखते हैं कि,                    सफलता की शुरुआत इंसान की इच्छा से होती हैं।            ये सबकुछ हमारी सोच पर निर्भर करता है।                  अगर आप सोचते हैं कि पिछड़ गये हैं।                                  तो आप पिछड़ गये हैं॥           तरक्की करने के लिए आपको अपनी सोच ऊँची करनी होगी।                                                                कोई भी सफलता प्राप्त करने से पहले।                      आपको अपने प्रति विश्वास लाना होगा।                            जीवन की लड़ाईयाँ हमेशा॥                 सिर्फ तेज और मजबूत लोग ही नही जीतते बल्कि।             आज नही तो कल जीतता वही आदमी हैं।                     जिसे यकीन हैं कि वह जीतेगा॥
Regards...
            Rohit Sharma

Thursday

Direct Sale Business धैर्य का Business है।

Network Marketing धैर्य का Business है।


         नेटवर्क इंडस्ट्री (Direct Selling) के बारे में जितना जान लें उतना कम हैं
क्योंकि  यह इंडस्ट्री ढेरों और बड़ी  सफलताओं का एक सच्चा रास्ता है...
इसकी ताकत एक आम  इंसान की सोच से परे है...
इसका रिज़ल्ट उम्मीदों से कंही ज्यादा आता
है...
लेकिन कुछ दोस्त अक्सर जल्दी के चक्कर में हताश Depression का शिकार हो जाते है  जबकि ये केवल व्यापार ही नहीं बल्कि अनगिनत आदर्शों का मिलन है। 
जैसे :-
1. खुद का बिज़नेस
2. शोहरत का माध्यम 
3. मान सम्मान
4. जरूरतमंदों का सहारा
5. नौकरशाही से छुटकारा
6. दूसरों की सहायता
7. बड़ी इनकम का ज़रिया
8. दूसरों को अवसर देने की लगातार प्रक्रिया
9. भविष्य की योजना
10. सही सपनों का चुनाव। 

सबसे पहली बात यह है कि यह बिज़नेस एक लंबे समय की प्लानिंग है...
मैं आप सभी दोस्तों को यह सलाह देना चाहता हूँ कि
आप इसे भूलकर भी शॉर्ट टाइम  के लिये न चुनें...??
क्योंकि
अक्सर लोग जल्दी रिज़ल्ट के चक्कर में इस इंडस्ट्री में कदम रखते है और उन्हे कोई फायदा नहीं होता...
क्योंकि  अगर बुनियादी सोच ही गलत होगी ....तो
उस पर खड़ी होने वाली इमारत भी कमज़ोर ही होगी...
जब एक नेटवर्कर यही सोचकर इस Network Marketing मे उतरता है की बस जल्दी से लखपति और करोड़पति बनना है ....तो
यही सोच एक खतरनाक
सोच बन जाती है और उस पर कुछ नहीं टिक सकता..
उदाहरण के लिए  - अगर एक नेटवर्कर किसी कंपनी में ज्वाईन (Join) होने के बाद केवल चार - छ: महीनों में रिज़ल्ट
न मिलने पर दूसरी कंपनी ज्वाईन कर लेता है ….
तो क्या गारंटी है की वो दूसरी कंपनी में टिक
पायेगा....?
और वो तीसरी कंपनी के बारे में सोचेगा...
फिर वह चौथी कंपनी के बारे में जानकारी
लेगा... और उसे भी ज्वाईन कर लेगा...
इस तरह से वह केवल एक से दो साल के अंदर-अंदर कई सारी कम्पनियों में जुड़कर आखिर हताश हो
जायेगा....
और अपनी फेस वॅल्यू (Face Value) खो देगा...
दुनिया में हर चीज़ के साथ एक नियम है ओर इस बिजनेस मे सफलता का भी एक नियम है कि
जब तक नेटवर्कर  Education System नेटवर्किंग के नियमों को जान नहीं पाता..
तब तक उसके साथ कई दुविधाएँ हो सकती हैं...
यह तो हम सभी जानते है कि सिर्फ एक बार बारिश
होने से नदी में पानी नहीं भरता न ही बाढ़ आती है ?
धावक एक छलांग लगा देने से कई किलोमीटर की दूरी नहीं पार कर सकता है....
तो फिर नेटवर्किंग में यह कैसे संभव हो सकता है ....?
Network Marketing कोई जादू नहीं है ...जंहा आपने कहा ...
आबरा का डाबरा ..गिली गिली ..छू.....और
आप लखपति और करोड़पति बन जायेंगे...
अक्सर लोग यही कहते है की ज्वाइन करो ये company आपको करोड़पति बना देगी । नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नस में करोड़पति तो क्या अरबपति बी बना जा सकता है और लोग बने भी है पर एक अच्छी कंपनी में बेहतरीन काम कर के नाकि घर बैठे बैठे रातो रात इन लुभावनी बातो में न आवे।   धनयवाद । Rohit Sharma

Tuesday

Time management

यह सही कहा जाता है "समय और ज्वार किसी के लिए इंतजार नहीं है"। एक व्यक्ति को जीवन के सभी पहलुओं में सफल होने के लिए समय के मूल्य को समझना चाहिए। जो समय बर्बाद करते हैं वे वे हैं जो स्वयं की पहचान बनाने में असफल होते हैं।

समय प्रबंधन क्या है?

  • समय प्रबंधन का मतलब समय प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना है ताकि सही समय पर सही समय आवंटित किया जा सके।
  • प्रभावी समय प्रबंधन व्यक्तियों को उनके महत्व के अनुसार गतिविधियों के लिए विशिष्ट समय स्लॉट असाइन करने की अनुमति देता है।
  • टाइम मैनेजमेंट समय का सबसे अच्छा उपयोग करने के लिए संदर्भित करता है क्योंकि समय हमेशा सीमित रहता है।
खुद से पूछें कि कौन सी गतिविधि अधिक महत्वपूर्ण है और इसे कितना समय आवंटित किया जाना चाहिए? जानें कि पहले कौन सा काम किया जाना चाहिए और जिसे बाद में किया जा सकता है।
समय प्रबंधन न केवल संगठनों में बल्कि हमारे व्यक्तिगत जीवन में भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समय प्रबंधन में शामिल हैं:
  1. प्रभावी योजना
  2. लक्ष्यों और उद्देश्यों को निर्धारित करना
  3. समय सीमा तय करना
  4. जिम्मेदारियों का प्रतिनिधिमंडल
  5. अपने महत्व के अनुसार गतिविधियों को प्राथमिकता देना
  6. सही गतिविधि पर सही समय खर्च करना
  • प्रभावी योजना

    अपने दिन की योजना पहले से ही अच्छी तरह से करें। एक सूची करने के लिए तैयार करें या एक "टास्क योजना" तैयार करें। प्रत्येक गतिविधि को आवंटित किए जाने वाले समय के विरुद्ध एक ही दिन में किए जाने वाले महत्वपूर्ण गतिविधियों को कम करें। उच्च प्राथमिकता कार्य शीर्ष पर आना चाहिए जिसके बाद इस समय आपके अधिक महत्व की आवश्यकता नहीं है। एक लंबित लंबित कार्य एक-एक करके। ताजा काम शुरू न करें जब तक कि आपने अपना पिछला कार्य पूरा नहीं किया हो। जिन लोगों को आप पहले ही पूरा कर चुके हैं उन्हें टिकटें। सुनिश्चित करें कि आप नियत समय सीमा के भीतर कार्य खत्म करें।
  • लक्ष्य और उद्देश्यों को निर्धारित करना

    किसी संगठन में लक्ष्यों और लक्ष्यों के बिना काम करना ऐसी परिस्थिति के समान होगा जहां जहाज के कप्तान समुद्र में अपना रास्ता खो देते हैं। हाँ, आप खो जाएंगे।अपने लिए लक्ष्य निर्धारित करें और सुनिश्चित करें कि वे यथार्थवादी हैं और प्राप्त करने योग्य हैं।
  • समय सीमा तय करना

    अपने लिए समय सीमा निर्धारित करें और समय सीमा से पहले कार्यों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें। अपने वरिष्ठ अधिकारियों को हर बार पूछने की प्रतीक्षा न करें।काम के स्वामित्व लेना सीखें। एक व्यक्ति जो समय सीमा निर्धारित कर सकता है वह स्वयं है। अपने आप से पूछें कि किसी विशेष कार्य को कितने समय तक समर्पित किया जाना चाहिए और कितने दिनों तक। सेट समय सीमा के खिलाफ महत्वपूर्ण तिथियों को चिह्नित करने के लिए एक योजनाकार का उपयोग करें।
  • जिम्मेदारियों का प्रतिनिधिमंडल

    कार्यस्थल पर "नहीं" कहना सीखें। अपने आप सब कुछ मत करो। अन्य लोग भी हैं। किसी को वह कुछ स्वीकार नहीं करना चाहिए जिसे वह जानता है उसके लिए मुश्किल है। भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को उनके लिए कर्मचारियों के ब्याज और विशेषज्ञता के अनुसार नियत किया जाना चाहिए ताकि वे समय सीमा के भीतर कार्य पूरा कर सकें। एक व्यक्ति जिसके बारे में ज्ञान नहीं है, वह किसी ऐसे व्यक्ति से अधिक समय की आवश्यकता है जो अच्छी तरह से काम जानता है।
  • कार्य को प्राथमिकता देना

    कार्यों को उनके महत्व और तात्कालिकता के अनुसार प्राथमिकता दें। महत्वपूर्ण और तत्काल काम के बीच अंतर जानें। पहचानें कि कौन से कार्यों को एक दिन के भीतर किया जाना चाहिए, जो सभी एक महीने के भीतर किया जाना चाहिए और इसी तरह। कार्य जो सबसे महत्वपूर्ण हैं पहले किया जाना चाहिए।
  • सही गतिविधि पर सही समय खर्च करना

    सही समय पर सही काम करने की आदत विकसित करें।गलत समय पर किया गया काम ज्यादा उपयोग नहीं है।किसी ऐसे दिन पर पूरा दिन बर्बाद न करें जो एक घंटे या उससे भी ज्यादा समय में किया जा सकता है। अपने व्यक्तिगत कॉल के लिए कुछ समय अलग रखें या फेसबुक या ट्विटर पर अपडेट की जांच करें। सभी इंसानों के बाद मशीन नहीं है।
प्रभावी समय प्रबंधन के लिए एक होना चाहिए:
संगठित - फ़ाइल के ढेर और अपने वर्कस्टेशन पर कागज के ढेर को रखने से बचें। जो कुछ आपको चाहिए उसे फेंक दो। फ़ोल्डर में महत्वपूर्ण दस्तावेज रखो। फ़ाइलों को अपने संबंधित दराज में प्रत्येक फ़ाइल के शीर्ष पर लेबल्स के साथ रखें। यह समय बचाता है जो अनावश्यक खोज पर जाता है।
समय का दुरुपयोग न करें - घूमने या गपशप करके समय मत मारो। अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें और समय पर असाइनमेंट खत्म करें। याद रखें कि आपका संगठन कंप्यूटर पर गेम खेलने या अन्य के क्यूबिकल्स में घूमने के लिए आपको भुगतान नहीं कर रहा है। सबसे पहले अपना काम पूरा करें और फिर जो भी आपको लगता है वह करें। आखिरी पल तक इंतजार मत करो।
फोकस किया जाए - प्रभावी समय प्रबंधन के लिए ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
बेहतर समय प्रबंधन के लिए योजनाकारों, आयोजकों, तालिका शीर्ष कैलेंडर का उपयोग करने की आदत विकसित करें। फोन या अपने व्यक्तिगत कंप्यूटर पर अनुस्मारक सेट करें।

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Direct Sale Business आने वाले समय का Business है. आपको शायद सुनने में अजीब लगे but ये हक़ीक़त बहुत जल्दी आप लोगों के सामने आने वाली है। ये औ...